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धर्म और संसार का स्वरुप - Dharm Aur Sansar Ka Swaroop - Book
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धर्म और संसार का स्वरुप – Dharm Aur Sansar Ka Swaroop – Book

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पुस्तक विवरण

यह पुस्तक ‘धर्म’ और ‘संसार’ के बीच के गहरे संबंध और उनके वास्तविक स्वरूप पर एक दार्शनिक विवेचन प्रस्तुत करती है। इसमें लेखक ने यह समझाने का प्रयास किया है कि सांसारिक जीवन जीते हुए भी धार्मिक और नैतिक मूल्यों को कैसे बनाए रखा जा सकता है। यह कृति इस विचार पर प्रकाश डालती है कि धर्म संसार का त्याग नहीं, बल्कि उसे सही ढंग से जीने की कला सिखाता है। यह पाठकों को भौतिक कर्तव्यों और आध्यात्मिक लक्ष्यों के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए एक व्यावहारिक दृष्टि प्रदान करती है।

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