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जैन दर्शन में आचार मीमांसा - Jain Darshan Me Achar Mimansa - Book
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जैन दर्शन में आचार मीमांसा – Jain Darshan Me Achar Mimansa – Book

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पुस्तक विवरण

जयचन्दलाल दफ्तरी द्वारा लिखित यह पुस्तक जैन दर्शन के एक महत्वपूर्ण पक्ष ‘आचार मीमांसा’ (Ethics) का गहन विश्लेषण करती है। इसमें जैन धर्म के नैतिक सिद्धांतों, विशेष रूप से महाव्रतों (अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य, अपरिग्रह) और अणुव्रतों का विस्तृत विवेचन किया गया है। यह ग्रंथ बताता है कि श्रावकों (गृहस्थों) और मुनियों (संतों) के लिए निर्धारित आचार संहिता का तार्किक और दार्शनिक आधार क्या है। यह कृति कर्म सिद्धांत के परिप्रेक्ष्य में नैतिक आचरण के महत्व को स्थापित करती है और एक अहिंसक और संतुलित जीवन जीने का मार्ग दिखाती है।

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