इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
युगवीर’ मुनि जुगलकिशोर मुख्तार द्वारा रचित यह ‘जैन साहित्य और इतिहास’ पर एक अत्यंत प्रामाणिक और शोधपरक ग्रंथ का पहला भाग है। ‘विशद प्रकाश’ का अर्थ है विस्तृत प्रकाश डालना। इस कृति में लेखक ने अनेक भ्रांतियों का निवारण करते हुए जैन इतिहास, साहित्य और तीर्थंकरों की परंपरा पर गहन अनुसंधान के आधार पर नए तथ्य प्रस्तुत किए हैं। यह जैन विद्या के गंभीर अध्येताओं के लिए एक मील का पत्थर मानी जाती है।
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