इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
मुनि नथमल (बाद में आचार्य महाप्रज्ञ) द्वारा रचित यह पुस्तक जैन श्वेतांबर तेरापंथ के नौवें आचार्य, आचार्य श्री तुलसी के जीवन और उनके कार्यों पर आधारित है। इसमें आचार्य तुलसी की पदयात्राओं, उनके प्रवचनों, और आम जनता के साथ उनके सीधे संवाद का जीवंत वर्णन है। पुस्तक दर्शाती है कि कैसे उन्होंने अणुव्रत आंदोलन के माध्यम से नैतिक और चारित्रिक मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाया। यह उनके सरल व्यक्तित्व, उनकी दूरदर्शिता और समाज सुधार के प्रति उनके समर्पण को उजागर करती है, जिससे वह लाखों लोगों के लिए प्रेरणास्रोत बने।
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