इस पुस्तक के विषय
पुस्तक सार
खंडनोद्धार’ एक दार्शनिक या शास्त्रीय ग्रंथ है, जिसका मुख्य उद्देश्य किसी अन्य सिद्धांत या मत का ‘खंडन’ करना और अपने सिद्धांत का ‘उद्धार’ या पुनर्स्थापना करना है। इस प्रकार की कृतियाँ भारतीय दर्शन की शास्त्रार्थ परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। लेखक इसमें विरोधी पक्ष (पूर्वपक्ष) के तर्कों को प्रस्तुत करता है और फिर तार्किक युक्तियों, प्रमाणों और शास्त्रीय उद्धरणों के माध्यम से उन्हें एक-एक करके काटता है। इसके बाद, वह अपने मत (उत्तरपक्ष या सिद्धांतपक्ष) को स्थापित करता है। यह पुस्तक संभवतः वेदांत, न्याय, या किसी अन्य दर्शन की एक विशेष शाखा से संबंधित हो सकती है, और यह उस विषय में गहरी अकादमिक बहस को दर्शाती है।
फ़ॉर्मेट बदलना
क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।
ई-रीडर पर भेजें
आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।
कोई दिक्कत आ रही है?
चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।