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लघीयस्त्रयादि संग्रह एक्ट - 192 - Laghiyadi Sangrah Ac- 192 - Book
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लघीयस्त्रयादि संग्रह एक्ट – 192 – Laghiyadi Sangrah Ac- 192 – Book

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पुस्तक विवरण

यह एक विशिष्ट जैन दार्शनिक ग्रंथ का प्रकाशन है। ‘लघीयस्त्रय’ का अर्थ है ‘तीन छोटे ग्रंथ’, जो संभवतः आचार्य अकलंकदेव या अन्य दिगम्बर जैन आचार्यों द्वारा रचित न्याय (logic) और प्रमाण (epistemology) पर आधारित महत्वपूर्ण ग्रंथ हैं। यह संग्रह इन ग्रंथों का संकलन और संभवतः उनकी टीका या व्याख्या प्रस्तुत करता है। यह जैन दर्शन, विशेष रूप से दिगम्बर परंपरा के न्याय-शास्त्र का अध्ययन करने वाले विद्वानों और शोधकर्ताओं के लिए एक उन्नत और महत्वपूर्ण पाठ है।

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