इस पुस्तक के विषय
पुस्तक सार
नरेश्वरपरीक्षा’ दसवीं शताब्दी के कश्मीरी शैव दार्शनिक सोमानन्द के शिष्य सद्योज्योति द्वारा रचित एक महत्त्वपूर्ण ग्रंथ है। यह कृति न्याय-वैशेषिक दर्शन के इस तर्क का खंडन करती है कि ईश्वर (नरेश्वर) केवल जगत का निमित्त कारण (जैसे कुम्हार) है। इसके बजाय, सद्योज्योति शैव सिद्धांत के अनुसार यह स्थापित करते हैं कि ईश्वर जगत का अभिन्न निमित्तोपादान कारण है, अर्थात वह अपनी शक्ति से स्वयं ही जगत के रूप में प्रकट होता है। यह ग्रंथ शैव सिद्धांत और नैयायिक ईश्वरवाद के बीच के दार्शनिक संवाद को समझने के लिए महत्त्वपूर्ण है।
फ़ॉर्मेट बदलना
क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।
ई-रीडर पर भेजें
आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।
कोई दिक्कत आ रही है?
चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।