Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home3/indiaq2f/indiankitab.com/wp-includes/functions.php on line 6131
नियमसार - Niyamsar - Book
IndianKitab

नियमसार – Niyamsar – Book

आपको यह बुक पसंद है? [ 0 / 0 ]

पुस्तक विवरण

यह दिगंबर जैन आचार्य कुन्दकुन्द द्वारा रचित एक अत्यंत महत्वपूर्ण आध्यात्मिक ग्रंथ है। ‘नियमसार’ का अर्थ है ‘नियम का सार’, जहाँ ‘नियम’ का तात्पर्य मोक्ष के सच्चे मार्ग, यानी शुद्ध आत्मा के अनुभव से है। पद्मप्रभ मलधारि देव की टीका के साथ, यह संस्करण ‘नियमसार’ की गहन प्राकृत गाथाओं की विस्तृत व्याख्या करता है, और व्यवहार तथा निश्चय रत्नत्रय के बीच समन्वय स्थापित करते हुए आत्म-साधना का मार्ग प्रशस्त करता है।

लेखकों और पुस्तकालयों का सहयोग करें। अगर आपको यह किताब पसंद आई है और आपके लिए संभव हो, तो इसकी एक प्रिंट कॉपी खरीदें या सीधे लेखक की आर्थिक मदद करें। आप अपने नज़दीकी पुस्तकालय में जाकर भी इस पुस्तक को मुफ़्त में पढ़ सकते हैं।

ज़रूरी सॉफ्टवेयर

इस ई-बुक को पढ़ने के लिए आपको एक रीडर ऐप की ज़रूरत होगी। आप मोबाइल के लिए ReadEra या कंप्यूटर के लिए Calibre जैसे फ्री ऐप इस्तेमाल कर सकते हैं।

फ़ॉर्मेट बदलना

क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।

ई-रीडर पर भेजें

आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।

कोई दिक्कत आ रही है?

चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।