इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह आचार्य माणिक्यनंदि के प्रसिद्ध जैन न्याय-ग्रंथ ‘परीक्षामुख सूत्र’ पर दिए गए विस्तृत प्रवचनों का संग्रह है, जिसमें 8वें, 9वें और 10वें भाग शामिल हैं। ये प्रवचन ‘परीक्षामुख’ के गूढ़ और तार्किक सूत्रों की सरल और विस्तृत व्याख्या करते हैं, ताकि श्रोता और पाठक जैन तर्कशास्त्र के प्रमाण-सिद्धांत को आसानी से समझ सकें। यह जैन न्याय के गंभीर विद्यार्थियों के लिए एक अत्यंत उपयोगी अध्ययन-सामग्री है।
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