इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
पार्श्वनाथ चरितं’ जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ के जीवन और उनके महान उपदेशों पर आधारित एक पवित्र ग्रंथ है। यह पुस्तक उनके जन्म से लेकर, राजसी जीवन के त्याग, कठोर तपस्या, कैवल्य ज्ञान की प्राप्ति और अंत में मोक्ष तक की यात्रा का गहन वर्णन करती है। इसमें उनके द्वारा दिए गए सत्य, अहिंसा, अस्तेय और अपरिग्रह के सिद्धांतों को सरल भाषा में समझाया गया है। यह ग्रंथ न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि पाठकों को नैतिक और आध्यात्मिक जीवन जीने के लिए भी प्रेरित करता है।
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