इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक शोध-प्रबंध है। इसमें लेखक ने ‘प्रमुख पुराणों’ का अध्ययन करके यह पता लगाने का प्रयास किया है कि उनमें ‘राष्ट्र’ की अवधारणा और ‘राष्ट्रीय भावना’ का विकास किस रूप में हुआ है। यह कृति पुराणों में वर्णित भारतवर्ष की भौगोलिक और सांस्कृतिक एकता, तीर्थ स्थानों के नेटवर्क, और चक्रवर्ती सम्राट के आदर्श के माध्यम से प्राचीन भारत में एक अखिल भारतीय पहचान और राष्ट्रीय चेतना के निर्माण की प्रक्रिया को दर्शाती है।
फ़ॉर्मेट बदलना
क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।
ई-रीडर पर भेजें
आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।
कोई दिक्कत आ रही है?
चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।