इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
रायबहादुर बाबू जालिमसिंह द्वारा भाष्य किया गया ‘प्रश्नोपनिषद’ अथर्ववेद से संबंधित एक प्रमुख उपनिषद् है। इसकी शैली संवादात्मक है, जिसमें छह ऋषि महर्षि पिप्पलाद के पास जाकर ब्रह्म-विद्या से संबंधित छह प्रश्न पूछते हैं। ये प्रश्न सृष्टि की उत्पत्ति, जीवन-शक्ति (प्राण), आत्मा की अवस्थाओं और ‘ॐ’ के ध्यान जैसे गहन विषयों से संबंधित हैं। महर्षि पिप्पलाद द्वारा दिए गए उत्तर ही इस उपनिषद् की विषय-वस्तु हैं। यह ग्रंथ आध्यात्मिक ज्ञान के जिज्ञासुओं के लिए एक मार्गदर्शक है, जो जीवन के मौलिक प्रश्नों का उत्तर खोजने में मदद करता है।
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