इस पुस्तक के विषय
पुस्तक सार
यह पुस्तक महान हिंदी लेखक मुंशी प्रेमचंद के पत्रों का एक संग्रह है, और यह इस श्रृंखला का दूसरा खंड है। “चिट्ठी-पत्री” उनके द्वारा अपने समकालीन लेखकों, संपादकों, मित्रों और परिवार के सदस्यों को लिखे गए पत्रों को संकलित करती है। ये पत्र न केवल प्रेमचंद के व्यक्तिगत जीवन, उनके संघर्षों और उनके विचारों पर एक अंतरंग दृष्टि प्रदान करते हैं, बल्कि वे उस समय के साहित्यिक, सामाजिक और राजनीतिक माहौल का भी एक जीवंत चित्र प्रस्तुत करते हैं। इन पत्रों के माध्यम से पाठक प्रेमचंद के लेखन-प्रक्रिया, उनकी साहित्यिक चिंताओं और एक लेखक के रूप में उनके विकास को समझ सकते हैं। यह साहित्यिक इतिहासकारों और प्रेमचंद के प्रशंसकों के लिए एक अमूल्य दस्तावेज़ है।
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