इस पुस्तक के विषय
पुस्तक सार
यह पुस्तक महान स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक और भारत की पहली निर्वासित सरकार के राष्ट्रपति, राजा महेन्द्र प्रताप के जीवन और उनके कार्यों पर प्रकाश डालती है। उन्हें ‘आर्यन पेशवा’ के नाम से भी जाना जाता था। कृति में उनके क्रांतिकारी जीवन, विश्व भर में घूम-घूम कर भारत की आज़ादी के लिए समर्थन जुटाने के उनके प्रयासों और उनकी निर्भीक पत्रकारिता का वर्णन किया गया है। यह पुस्तक दर्शाती है कि कैसे उन्होंने अपना राजसी जीवन त्यागकर देश की सेवा में अपना सब कुछ समर्पित कर दिया। यह एक ऐसे विस्मृत नायक की कहानी है जिसने धर्म, जाति और राष्ट्र की सीमाओं से परे होकर मानवता और विश्व-बंधुत्व का सपना देखा था।
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