इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
प्रसिद्ध नारायण सिंह द्वारा लिखित यह पुस्तक ‘राजयोग’ को मानसिक विकास की एक वैज्ञानिक पद्धति के रूप में प्रस्तुत करती है। राजयोग, जिसे स्वामी विवेकानंद ने लोकप्रिय बनाया, मुख्य रूप से महर्षि पतंजलि के योगसूत्रों पर आधारित है। यह ग्रंथ बताता है कि कैसे यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि के अष्टांग मार्ग पर चलकर व्यक्ति अपने मन पर नियंत्रण पा सकता है, अपनी एकाग्रता और स्मरण-शक्ति बढ़ा सकता है, और अंततः अपनी चेतना के उच्चतम स्तर को प्राप्त कर सकता है। यह मानसिक शांति और आत्म-विकास के लिए एक व्यावहारिक मार्गदर्शिका है।
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