इस पुस्तक के विषय
पुस्तक सार
यह पुस्तक 1930 के दशक में सोवियत संघ में जोसेफ स्टालिन के शासनकाल के दौरान हुए ‘ग्रेट पर्ज’ (महान शुद्धिकरण) की घटनाओं पर एक ऐतिहासिक विश्लेषण प्रस्तुत करती है। इस अवधि में, कम्युनिस्ट पार्टी, सरकार, और सेना के भीतर लाखों लोगों को ‘राज्य का दुश्मन’ करार देकर गिरफ्तार किया गया, मुकदमे चलाए गए, श्रम शिविरों (गुलाग) में भेजा गया, या मार दिया गया। यह कृति उन राजनीतिक षड्यंत्रों, दमनकारी नीतियों, और मानवाधिकारों के घोर उल्लंघन का दस्तावेजीकरण करती है, जो स्टालिनवादी तानाशाही की एक भयावह विशेषता थी।
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