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संक्षिप्त कर्मयोग - Sankshipt Karmyog - Book
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संक्षिप्त कर्मयोग – Sankshipt Karmyog – Book

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पुस्तक विवरण

यह पुस्तक श्रीमद्भगवद्गीता के केंद्रीय संदेश ‘कर्मयोग’ का एक ‘संक्षिप्त’ और सारगर्भित परिचय देती है। इसमें यह समझाया गया है कि कर्मयोग का अर्थ कर्मों का त्याग नहीं, बल्कि फल की इच्छा का त्याग करके अपने कर्तव्य का पालन करना है। लेखक ने गीता के श्लोकों के आधार पर निष्काम कर्म के सिद्धांत को सरल और व्यावहारिक भाषा में प्रस्तुत किया है, ताकि आम पाठक भी इसे अपने दैनिक जीवन में अपना सकें और तनाव-मुक्त होकर कार्य कर सकें।

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