Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home3/indiaq2f/indiankitab.com/wp-includes/functions.php on line 6131
संसार और धर्म - Sansar Or Dhram - Book
IndianKitab

संसार और धर्म – Sansar Or Dhram – Book

इस पुस्तक के विषय

आपको यह बुक पसंद है? [ 0 / 0 ]

पुस्तक विवरण

यह पुस्तक ‘संसार’ (भौतिक दुनिया) और ‘धर्म’ (आध्यात्मिक मार्ग) के बीच के संबंध और संतुलन पर एक दार्शनिक विवेचन प्रस्तुत करती है। इसमें यह समझाया गया है कि कैसे एक व्यक्ति सांसारिक कर्तव्यों का निर्वाह करते हुए भी एक धार्मिक और नैतिक जीवन जी सकता है। पुस्तक इस भ्रम को दूर करती है कि धर्म का अर्थ संसार का त्याग करना है। इसके बजाय, यह कर्मयोग का मार्ग सुझाती है, जहाँ व्यक्ति अपने सभी कार्यों को अनासक्त भाव से और धर्म के अनुसार करता है। यह व्यावहारिक आध्यात्मिकता पर एक मार्गदर्शक है।

लेखकों और पुस्तकालयों का सहयोग करें। अगर आपको यह किताब पसंद आई है और आपके लिए संभव हो, तो इसकी एक प्रिंट कॉपी खरीदें या सीधे लेखक की आर्थिक मदद करें। आप अपने नज़दीकी पुस्तकालय में जाकर भी इस पुस्तक को मुफ़्त में पढ़ सकते हैं।

ज़रूरी सॉफ्टवेयर

इस ई-बुक को पढ़ने के लिए आपको एक रीडर ऐप की ज़रूरत होगी। आप मोबाइल के लिए ReadEra या कंप्यूटर के लिए Calibre जैसे फ्री ऐप इस्तेमाल कर सकते हैं।

फ़ॉर्मेट बदलना

क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।

ई-रीडर पर भेजें

आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।

कोई दिक्कत आ रही है?

चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।