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षड्दर्शन समुच्चय भावानुवाद - हिन्दी व्याख्या : भाग-१ - Shad Darshna Samucchya Bhavanuwad - hindi vyakhya Vol -1 - Book
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षड्दर्शन समुच्चय भावानुवाद – हिन्दी व्याख्या : भाग-१ – Shad Darshna Samucchya Bhavanuwad – hindi vyakhya Vol -1 – Book

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पुस्तक सार

यह पुस्तक हरिभद्र सूरि द्वारा रचित प्रसिद्ध जैन ग्रंथ “षड्दर्शन समुच्चय” का भावानुवाद और हिंदी व्याख्या प्रस्तुत करती है। मूल ग्रंथ में भारतीय दर्शन की छह प्रमुख परंपराओं (जैसे न्याय, वैशेषिक, सांख्य, मीमांसा, बौद्ध और जैन) के सिद्धांतों का संक्षिप्त और निष्पक्ष सारांश दिया गया है। यह पहला भाग कुछ दर्शनों का विश्लेषण करता है। ‘भावानुवाद’ का अर्थ है कि यह केवल शाब्दिक अनुवाद नहीं, बल्कि मूल के भाव को स्पष्ट करता है। हिंदी व्याख्या इन गूढ़ दार्शनिक सिद्धांतों को और भी सरल और विस्तृत रूप में समझाती है, जिससे यह भारतीय दर्शन के विभिन्न मतों को समझने के लिए एक उत्कृष्ट प्रवेशिका बन जाती है।

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