Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home3/indiaq2f/indiankitab.com/wp-includes/functions.php on line 6131
श्रीमज्जैमिनि प्रणीते मीमांसादर्शन [भाग 1] - Shreemajjaimini Pranite Mimansadarshan [Bhag 1] - Book
IndianKitab

श्रीमज्जैमिनि प्रणीते मीमांसादर्शन [भाग 1] – Shreemajjaimini Pranite Mimansadarshan [Bhag 1] – Book

आपको यह बुक पसंद है? [ 0 / 0 ]

पुस्तक विवरण

यह महर्षि जैमिनि द्वारा रचित ‘मीमांसा दर्शन’ का एक प्रामाणिक संस्करण है, जिसका यह पहला भाग है। मीमांसा, भारतीय दर्शन के छः आस्तिक दर्शनों में से एक है, जो मुख्य रूप से वेदों के कर्मकांडीय भाग की व्याख्या के नियम निर्धारित करता है। इस ग्रंथ में यज्ञों के महत्व और वैदिक मंत्रों के सही अर्थ-निर्णय की विधि पर गहन विवेचन है। यह कुमारिल भट्ट जैसे भाष्यकारों की टीकाओं के साथ हो सकता है।

लेखकों और पुस्तकालयों का सहयोग करें। अगर आपको यह किताब पसंद आई है और आपके लिए संभव हो, तो इसकी एक प्रिंट कॉपी खरीदें या सीधे लेखक की आर्थिक मदद करें। आप अपने नज़दीकी पुस्तकालय में जाकर भी इस पुस्तक को मुफ़्त में पढ़ सकते हैं।

ज़रूरी सॉफ्टवेयर

इस ई-बुक को पढ़ने के लिए आपको एक रीडर ऐप की ज़रूरत होगी। आप मोबाइल के लिए ReadEra या कंप्यूटर के लिए Calibre जैसे फ्री ऐप इस्तेमाल कर सकते हैं।

फ़ॉर्मेट बदलना

क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।

ई-रीडर पर भेजें

आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।

कोई दिक्कत आ रही है?

चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।