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श्री प्रवचनसार भाषाटीका [खण्ड 1] - Shri Pravachansar Bhashateeka [Khad 1] - Book
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श्री प्रवचनसार भाषाटीका [खण्ड 1] – Shri Pravachansar Bhashateeka [Khad 1] – Book

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पुस्तक विवरण

यह पुस्तक आचार्य कुंदकुंद द्वारा रचित जैन दर्शन के महान ग्रंथ ‘प्रवचनसार’ की हिंदी भाषा में टीका (व्याख्या) है। ‘प्रवचनसार’ शुद्ध आत्मा के स्वरूप, ज्ञान और चारित्र का गहन विवेचन करता है और मोक्ष मार्ग को स्पष्ट करता है। यह ग्रंथ ज्ञेयतत्त्व, ज्ञानतत्त्व और चारित्रतत्त्व इन तीन अधिकारों में विभाजित है। यह भाषा-टीका मूल प्राकृत गाथाओं के गूढ़ और दार्शनिक अर्थ को सरल हिंदी में समझाती है, जिससे आम पाठक भी आचार्य कुंदकुंद के आत्म-विद्या संबंधी विचारों को समझ सकें। यह स्वाध्याय और आध्यात्मिक चिंतन के लिए एक अमूल्य कृति है।

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