इस पुस्तक के विषय
पुस्तक सार
श्री मन्महाभारत तात्पर्यनिर्णयः’ द्वैत वेदांत के प्रणेता आचार्य मध्वाचार्य द्वारा रचित एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है। यह महाभारत की केवल एक टीका नहीं, बल्कि उसके गूढ़ अर्थों और दार्शनिक तात्पर्य का एक व्यवस्थित निर्णय है। मध्वाचार्य इस कृति में यह सिद्ध करते हैं कि महाभारत का मुख्य उद्देश्य भगवान विष्णु की सर्वोत्कृष्टता और सर्वोच्चता को स्थापित करना है। खंड चार इसी विस्तृत विश्लेषण की एक कड़ी है, जिसमें वे विशिष्ट पर्वों और प्रसंगों की व्याख्या अपने द्वैतवादी दृष्टिकोण से करते हैं। वे अन्य दर्शनों का खंडन करते हुए महाभारत के माध्यम से अपने दार्शनिक सिद्धांतों को प्रमाणित करते हैं। यह वेदांत और महाभारत के अध्ययन के लिए एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है।
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