इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
तत्व चिंतामणि’ हनुमान प्रसाद पोद्दार जी द्वारा रचित एक आध्यात्मिक ग्रंथ-श्रृंखला का पहला भाग है। ‘चिंतामणि’ उस दिव्य मणि को कहते हैं जो सभी इच्छाओं को पूरा करती है, उसी प्रकार यह पुस्तक भी आत्म-तत्व और परम-तत्व से जुड़े सभी प्रश्नों का समाधान करने का प्रयास करती है। इस पहले भाग में ईश्वर, जीव, जगत, माया और मोक्ष जैसे मूलभूत आध्यात्मिक विषयों पर उपनिषदों और गीता के प्रकाश में गहन चिंतन प्रस्तुत किया गया है।
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