इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह पुस्तक आचार्य देवसेन द्वारा रचित एक महत्वपूर्ण जैन ग्रंथ ‘तत्वसार’ पर एक ‘टीका’ अर्थात विस्तृत व्याख्या और भाष्य है। ‘तत्वसार’ जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, जैन दर्शन के अनुसार तत्वों (जैसे जीव, अजीव आदि) के सार का वर्णन करता है। यह टीका मूल ग्रंथ के गूढ़ और संक्षिप्त सूत्रों को सरल भाषा में समझाती है, जिससे पाठकों के लिए आत्मा और पदार्थ की प्रकृति तथा मोक्ष के मार्ग को समझना आसान हो जाता है। यह जैन दर्शन के गंभीर अध्येताओं के लिए एक आवश्यक और ज्ञानवर्धक कृति है।
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