Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home3/indiaq2f/indiankitab.com/wp-includes/functions.php on line 6131
उत्तरपाड़ा - अभिभाषण - Uttarpara - Abhibhashan - Book
IndianKitab

उत्तरपाड़ा – अभिभाषण – Uttarpara – Abhibhashan – Book

आपको यह बुक पसंद है? [ 0 / 0 ]

पुस्तक सार

यह पुस्तक श्री अरबिंदो द्वारा 1909 में उत्तरपाड़ा (बंगाल) में दिए गए एक ऐतिहासिक और युगांतकारी भाषण का संकलन है। यह भाषण उन्होंने अलीपुर बम कांड में एक वर्ष की जेल के बाद दिया था। इस अभिभाषण में, श्री अरबिंदो ने जेल में हुए अपने आध्यात्मिक अनुभवों, विशेषकर भगवान कृष्ण के ‘वासुदेव दर्शन’, का पहली बार सार्वजनिक रूप से वर्णन किया। उन्होंने घोषणा की कि भारत का स्वतंत्रता संग्राम केवल एक राजनीतिक आंदोलन नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक मिशन है, और सनातन धर्म का उत्थान ही भारत का वास्तविक उद्देश्य है। यह भाषण उनके क्रांतिकारी जीवन से आध्यात्मिक जीवन की ओर संक्रमण का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज़ है।

लेखकों और पुस्तकालयों का सहयोग करें। अगर आपको यह किताब पसंद आई है और आपके लिए संभव हो, तो इसकी एक प्रिंट कॉपी खरीदें या सीधे लेखक की आर्थिक मदद करें। आप अपने नज़दीकी पुस्तकालय में जाकर भी इस पुस्तक को मुफ़्त में पढ़ सकते हैं।

ज़रूरी सॉफ्टवेयर

इस ई-बुक को पढ़ने के लिए आपको एक रीडर ऐप की ज़रूरत होगी। आप मोबाइल के लिए ReadEra या कंप्यूटर के लिए Calibre जैसे फ्री ऐप इस्तेमाल कर सकते हैं।

फ़ॉर्मेट बदलना

क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।

ई-रीडर पर भेजें

आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।

कोई दिक्कत आ रही है?

चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।

इस लेखक की और पुस्तकें