इस पुस्तक के विषय
पुस्तक सार
यह पुस्तक श्री अरबिंदो द्वारा 1909 में उत्तरपाड़ा (बंगाल) में दिए गए एक ऐतिहासिक और युगांतकारी भाषण का संकलन है। यह भाषण उन्होंने अलीपुर बम कांड में एक वर्ष की जेल के बाद दिया था। इस अभिभाषण में, श्री अरबिंदो ने जेल में हुए अपने आध्यात्मिक अनुभवों, विशेषकर भगवान कृष्ण के ‘वासुदेव दर्शन’, का पहली बार सार्वजनिक रूप से वर्णन किया। उन्होंने घोषणा की कि भारत का स्वतंत्रता संग्राम केवल एक राजनीतिक आंदोलन नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक मिशन है, और सनातन धर्म का उत्थान ही भारत का वास्तविक उद्देश्य है। यह भाषण उनके क्रांतिकारी जीवन से आध्यात्मिक जीवन की ओर संक्रमण का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज़ है।
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