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वैदिक पशुयज्ञ -मीमांसा - Vaidik Pashuyagya Mimansa - Book
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वैदिक पशुयज्ञ -मीमांसा – Vaidik Pashuyagya Mimansa – Book

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पुस्तक सार

यह एक विद्वत्तापूर्ण ग्रंथ है जो वैदिक कर्मकांड में ‘पशुयज्ञ’ की अवधारणा का गहन मीमांसा (विश्लेषण) प्रस्तुत करता है। यह कृति वेदों और ब्राह्मण ग्रंथों में वर्णित पशुयज्ञों की प्रक्रिया, उनके उद्देश्य, और उनके प्रतीकात्मक अर्थों की पड़ताल करती है। इसमें संभवतः इस विवादास्पद विषय पर विभिन्न व्याख्याओं का मूल्यांकन किया गया होगा, जिसमें यह तर्क भी शामिल हो सकता है कि ‘पशु’ शब्द का अर्थ हमेशा शाब्दिक जानवर नहीं होता, बल्कि उसका प्रतीकात्मक या आध्यात्मिक अर्थ भी हो सकता है। यह वैदिक धर्म के एक जटिल पहलू पर एक गंभीर अकादमिक अध्ययन है।

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