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वेदान्तदर्शनम - Vedant Darshanam - Book
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वेदान्तदर्शनम – Vedant Darshanam – Book

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पुस्तक सार

“वेदान्तदर्शनम्” का सीधा संबंध महर्षि बादरायण द्वारा रचित “ब्रह्मसूत्र” से है, जिसे ‘उत्तर मीमांसा’ भी कहा जाता है। यह भारतीय दर्शन के छह आस्तिक दर्शनों में से एक है। यह ग्रंथ उपनिषदों में दिए गए आध्यात्मिक और दार्शनिक विचारों को एक व्यवस्थित और तार्किक रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास करता है। यह छोटे-छोटे सूत्रों में लिखा गया है, जिनका अर्थ आचार्यों के भाष्यों (जैसे- शंकराचार्य, रामानुजाचार्य के भाष्य) के बिना समझना लगभग असंभव है। इसका मुख्य विषय ब्रह्म, जीव, जगत और उनके आपसी संबंधों की मीमांसा करना है। यह भारतीय अध्यात्म और दर्शन का शिखर ग्रंथ माना जाता है।

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