इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह ‘स्वामी विवेकानंद के संपूर्ण साहित्य’ का पाँचवाँ खंड है। इस संग्रह में स्वामी जी के पत्र, व्याख्यान, और लेख शामिल हैं। यह पाँचवाँ खंड विशेष रूप से उनके पत्रों पर केंद्रित हो सकता है, जिसमें उन्होंने अपने गुरुभाइयों, शिष्यों और मित्रों को आध्यात्मिक मार्गदर्शन, संगठन के कार्य, और भारत के पुनरुत्थान के लिए अपने सपनों के बारे में लिखा। ये पत्र उनके अंतरंग विचारों और उनकी विशाल करुणा को दर्शाते हैं।
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