Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home3/indiaq2f/indiankitab.com/wp-includes/functions.php on line 6131
योगवासिष्ठ महारामायण का रचनाकाल - Yog Vashishtha Maha Ramayan Ka Rachnakal - Book
IndianKitab

योगवासिष्ठ महारामायण का रचनाकाल – Yog Vashishtha Maha Ramayan Ka Rachnakal – Book

आपको यह बुक पसंद है? [ 0 / 0 ]

पुस्तक सार

यह एक शोध-ग्रंथ है जिसका विषय ‘योगवासिष्ठ महारामायण’ नामक विशाल दार्शनिक ग्रंथ की रचना के समय का निर्धारण करना है। योगवासिष्ठ, जिसमें वशिष्ठ ऋषि राजकुमार राम को अद्वैत वेदांत का उपदेश देते हैं, अपनी अनूठी कथा शैली और गहन दर्शन के लिए प्रसिद्ध है। इसके रचनाकाल को लेकर विद्वानों में मतभेद रहा है। इस शोध कृति में लेखक ने संभवतः विभिन्न आंतरिक और बाह्य साक्ष्यों, जैसे भाषा-शैली, दार्शनिक अवधारणाओं के विकास, और अन्य ग्रंथों में इसके उल्लेख, का विश्लेषण करके योगवासिष्ठ के रचनाकाल पर एक तर्कपूर्ण निष्कर्ष प्रस्तुत करने का प्रयास किया है।

लेखकों और पुस्तकालयों का सहयोग करें। अगर आपको यह किताब पसंद आई है और आपके लिए संभव हो, तो इसकी एक प्रिंट कॉपी खरीदें या सीधे लेखक की आर्थिक मदद करें। आप अपने नज़दीकी पुस्तकालय में जाकर भी इस पुस्तक को मुफ़्त में पढ़ सकते हैं।

ज़रूरी सॉफ्टवेयर

इस ई-बुक को पढ़ने के लिए आपको एक रीडर ऐप की ज़रूरत होगी। आप मोबाइल के लिए ReadEra या कंप्यूटर के लिए Calibre जैसे फ्री ऐप इस्तेमाल कर सकते हैं।

फ़ॉर्मेट बदलना

क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।

ई-रीडर पर भेजें

आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।

कोई दिक्कत आ रही है?

चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।