Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home3/indiaq2f/indiankitab.com/wp-includes/functions.php on line 6170
आर्यसमाज का इतिहास भाग-१ ( प्रारम्भ से सन्‌ १८८३ तक ) - Arya Samaj Ka Itihaas Bhag- 1 ( prarambh se san 1883 tak ) - Book
IndianKitab

आर्यसमाज का इतिहास भाग-१ ( प्रारम्भ से सन्‌ १८८३ तक ) – Arya Samaj Ka Itihaas Bhag- 1 ( prarambh se san 1883 tak ) – Book

आपको यह बुक पसंद है? [ 0 / 0 ]

पुस्तक सार

यह पुस्तक 19वीं सदी के महत्वपूर्ण सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलन “आर्य समाज” के इतिहास का एक विस्तृत और प्रामाणिक विवरण प्रस्तुत करती है। यह उस श्रृंखला का पहला भाग है, जो आंदोलन की शुरुआत से लेकर उसके संस्थापक, स्वामी दयानंद सरस्वती, के निधन (1883) तक की अवधि को कवर करता है। इसमें स्वामी दयानंद के जीवन-संघर्ष, उनके द्वारा ‘सत्यार्थ प्रकाश’ की रचना, 1875 में आर्य समाज की स्थापना, और उनके द्वारा किए गए शास्त्रार्थों का वर्णन होगा। यह पुस्तक उस युग की सामाजिक-धार्मिक पृष्ठभूमि और आर्य समाज के क्रांतिकारी विचारों (जैसे- वेदों की ओर लौटो, मूर्तिपूजा का खंडन) के उदय को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक ग्रंथ है।

लेखकों और पुस्तकालयों का सहयोग करें। अगर आपको यह किताब पसंद आई है और आपके लिए संभव हो, तो इसकी एक प्रिंट कॉपी खरीदें या सीधे लेखक की आर्थिक मदद करें। आप अपने नज़दीकी पुस्तकालय में जाकर भी इस पुस्तक को मुफ़्त में पढ़ सकते हैं।

ज़रूरी सॉफ्टवेयर

इस ई-बुक को पढ़ने के लिए आपको एक रीडर ऐप की ज़रूरत होगी। आप मोबाइल के लिए ReadEra या कंप्यूटर के लिए Calibre जैसे फ्री ऐप इस्तेमाल कर सकते हैं।

फ़ॉर्मेट बदलना

क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।

ई-रीडर पर भेजें

आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।

कोई दिक्कत आ रही है?

चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।