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मुर्गे की चाल, एक भारतीय लोक कथा - Murge Ki Chaal, Ek Bhartiya Lok-Katha - Book
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मुर्गे की चाल, एक भारतीय लोक कथा – Murge Ki Chaal, Ek Bhartiya Lok-Katha – Book

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पुस्तक विवरण

यह एक भारतीय लोक-कथा है, जिसका शीर्षक “मुर्गे की चाल” है। यह एक हास्यपूर्ण या शिक्षाप्रद कहानी हो सकती है। संभव है कि यह उस प्रसिद्ध कहानी पर आधारित हो जिसमें एक चालाक सियार एक मुर्गे को उसकी सुंदर आवाज के लिए प्रशंसा करता है और उसे आँखें बंद करके बांग देने के लिए कहता है, ताकि वह उसे पकड़ सके। मुर्गा सियार की चाल में आ जाता है, लेकिन जब सियार उसे लेकर भागता है, तो मुर्गा अपनी चतुराई से सियार को कुछ बोलने के लिए उकसाता है, और जैसे ही सियार मुँह खोलता है, मुर्गा उड़कर पेड़ पर चढ़ जाता है। यह कहानी चापलूसी से सावधान रहने और बुद्धि का प्रयोग करने की शिक्षा देती है।

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