इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह अकबर और बीरबल की चतुराई की एक और प्रसिद्ध कहानी है। एक दिन, सम्राट अकबर बीरबल से पूछते हैं कि आगरा में कुल कितनी गौरैया हैं। बीरबल कुछ समय मांगते हैं और फिर एक हास्यास्पद संख्या बताते हैं। जब अकबर पूछते हैं कि वह इतने निश्चित कैसे हैं, तो बीरबल जवाब देते हैं, “आप गिनवा लीजिए, जहाँपनाह। अगर संख्या कम निकली, तो समझ लीजिएगा कि कुछ गौरैया अपने रिश्तेदारों से मिलने बाहर गई हैं, और अगर ज्यादा निकली, तो समझ लीजिएगा कि उनके रिश्तेदार उनसे मिलने आए हैं”। अकबर बीरबल की इस हाजिर-जवाबी पर हंस पड़ते हैं। यह कहानी असंभव प्रश्नों का चतुराई से उत्तर देने की कला को दर्शाती है।
फ़ॉर्मेट बदलना
क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।
ई-रीडर पर भेजें
आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।
कोई दिक्कत आ रही है?
चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।