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चल सप्तर्षि के पीछे! - Chal Saptarishi ke Peeche - Book
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चल सप्तर्षि के पीछे! – Chal Saptarishi ke Peeche – Book

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20 Pages
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पुस्तक विवरण

यह एक साहसिक और शैक्षिक कहानी है, जो संभवतः ‘अंडरग्राउंड रेलरोड’ से जुड़ी है, वह गुप्त नेटवर्क जो दासों को स्वतंत्रता तक पहुँचाता था। भगोड़े दास अक्सर रात में यात्रा करते थे और दिशा-निर्देश के लिए तारों का उपयोग करते थे। ‘सप्तर्षि मंडल’ (बिग डिपर), जो ध्रुव तारे (नॉर्थ स्टार) की ओर इशारा करता है, उनके लिए एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शक था। कहानी एक ऐसे ही भगोड़े दास परिवार की यात्रा का अनुसरण कर सकती है, जो ‘सप्तर्षि के पीछे चलकर’ उत्तर की ओर अपनी स्वतंत्रता की यात्रा करते हैं। यह साहस, आशा और खगोल विज्ञान के व्यावहारिक उपयोग की एक शक्तिशाली कहानी है।

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