इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह स्वामी विवेकानंद के संपूर्ण साहित्य का ‘जन्मशती संस्करण’ (जन्म के सौ वर्ष पूरे होने पर प्रकाशित) का आठवाँ खंड है। इस संग्रह में स्वामी जी के पत्र, व्याख्यान, लेख और वार्तालाप शामिल हैं। यह खंड उनके विशिष्ट विचारों को प्रस्तुत करता है, जो वेदांत दर्शन, कर्म योग, राज योग, और भारत के युवाओं के लिए उनके शक्तिशाली संदेशों पर केंद्रित हो सकते हैं। यह स्वामी विवेकानंद के गहन और प्रेरणादायक विचारों को समझने के लिए एक प्रामाणिक और महत्वपूर्ण स्रोत है।
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