इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह ‘सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय’ का 63वां खंड है। यह प्रतिष्ठित श्रृंखला महात्मा गांधी के संपूर्ण लेखन, भाषणों और पत्राचार को कालानुक्रम में प्रस्तुत करती है। यह 63वां खंड भी एक विशिष्ट समयावधि के दौरान गांधीजी के विचारों और कार्यों का एक प्रामाणिक संकलन है। यह भारत के स्वतंत्रता संग्राम और गांधीजी के नैतिक दर्शन के विकास को समझने के लिए शोधकर्ताओं, इतिहासकारों और सामान्य पाठकों के लिए एक अमूल्य स्रोत है।
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