इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह ‘जैन शिलालेख संग्रह’ का तीसरा भाग है, जो एक अत्यंत महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और पुरातात्विक संकलन है। इसमें भारत के विभिन्न हिस्सों से प्राप्त जैन धर्म से संबंधित शिलालेखों को एकत्र, संपादित और प्रकाशित किया गया है। ये शिलालेख मंदिरों, मूर्तियों और गुफाओं पर खुदे हुए हैं और जैन धर्म के इतिहास, उसके प्रसार, और तत्कालीन सामाजिक-राजनीतिक स्थिति पर प्रामाणिक जानकारी प्रदान करते हैं। यह इतिहासकारों और शोधकर्ताओं के लिए एक अमूल्य प्राथमिक स्रोत है।
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