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दयानन्द का सत्य स्वरूप - Dayanand Ka Saty Swarup - Book
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दयानन्द का सत्य स्वरूप – Dayanand Ka Saty Swarup – Book

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पुस्तक विवरण

यह पुस्तक आर्य समाज के संस्थापक महर्षि दयानंद सरस्वती के जीवन, उनके विचारों और उनके कार्यों के ‘सत्य स्वरूप’ को प्रस्तुत करने का दावा करती है। यह एक विश्लेषणात्मक कृति हो सकती है जो उनके द्वारा किए गए सामाजिक और धार्मिक सुधारों, जैसे ‘वेदों की ओर लौटो’ का नारा, मूर्तिपूजा का खंडन, और पाखंडों का विरोध, का मूल्यांकन करती है। यह पुस्तक उनके व्यक्तित्व और दर्शन पर किसी विवाद या गलतफहमी का निवारण करने का भी प्रयास कर सकती है।

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