इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह स्वामी रामतीर्थ के साहित्य और प्रवचनों पर आधारित एक श्रृंखला का चौथा भाग है। इस खंड में उनके द्वारा दिए गए व्याख्यानों, लिखे गए लेखों और पत्रों को संकलित किया गया है, जिसमें उनके आनंदमय और व्यावहारिक वेदांत का संदेश निहित है। स्वामी रामतीर्थ ने आध्यात्मिकता को खुशी, निडरता और आत्म-विश्वास से जोड़ा। यह चौथा भाग भी पाठकों को उनके ओजस्वी विचारों से परिचित कराता है और उन्हें एक सकारात्मक तथा ऊर्जावान जीवन जीने के लिए प्रेरित करता है।
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