इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह एक काव्यात्मक और दार्शनिक शीर्षक वाली कृति है, जो स्वामी रामतीर्थ के विचारों पर आधारित हो सकती है। ‘सुलह की जंग’ का अर्थ है आंतरिक संघर्षों से शांति स्थापित करने की लड़ाई। ‘गंगा तरंग’ पवित्रता और प्रवाह का प्रतीक है। यह पुस्तक संभवतः वेदांत दर्शन के माध्यम से मन की चंचलता को शांत कर, गंगा की लहरों की तरह, परमानंद में स्थित होने का मार्ग बताती है। यह आंतरिक शांति की खोज पर एक प्रेरणादायक रचना है।
फ़ॉर्मेट बदलना
क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।
ई-रीडर पर भेजें
आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।
कोई दिक्कत आ रही है?
चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।