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सुलह की जंग गंगा तरंग - Sulah Ki Jang Ganga Tarang - Book
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सुलह की जंग गंगा तरंग – Sulah Ki Jang Ganga Tarang – Book

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406 Pages
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13 MB
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इस पुस्तक के विषय

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पुस्तक विवरण

यह एक काव्यात्मक और दार्शनिक शीर्षक वाली कृति है, जो स्वामी रामतीर्थ के विचारों पर आधारित हो सकती है। ‘सुलह की जंग’ का अर्थ है आंतरिक संघर्षों से शांति स्थापित करने की लड़ाई। ‘गंगा तरंग’ पवित्रता और प्रवाह का प्रतीक है। यह पुस्तक संभवतः वेदांत दर्शन के माध्यम से मन की चंचलता को शांत कर, गंगा की लहरों की तरह, परमानंद में स्थित होने का मार्ग बताती है। यह आंतरिक शांति की खोज पर एक प्रेरणादायक रचना है।

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