इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह ‘सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय’ का सत्रहवाँ खंड है, जिसमें महात्मा गांधी के लेखों, पत्रों और भाषणों का संग्रह है। यह खंड 1920 की अवधि को कवर करता है, जो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण मोड़ था। इसमें असहयोग आंदोलन की शुरुआत, खिलाफत आंदोलन के साथ उसके जुड़ाव, और ‘इंडियन ओपिनियन’ तथा ‘यंग इंडिया’ में लिखे गए उनके प्रभावशाली लेख शामिल हैं। यह गांधीजी की रणनीति और उस समय के राजनीतिक माहौल को समझने के लिए एक प्राथमिक स्रोत है।
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