इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह ‘सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय’ का पचासवाँ खंड है, जो महात्मा गांधी के लेखन और भाषणों का एक प्रामाणिक संग्रह है। यह खंड 1932 की शुरुआत की अवधि को कवर करता है, जब गांधीजी द्वितीय गोलमेज सम्मेलन से लौटने के बाद भारत में थे और सविनय अवज्ञा आंदोलन को फिर से शुरू करने की तैयारी कर रहे थे। इसमें वायसराय के साथ उनका महत्वपूर्ण पत्राचार और उनकी गिरफ्तारी से ठीक पहले दिए गए उनके निर्देश शामिल हैं।
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