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ऐतरेय उपनिषद् [खण्ड 1] - Aitreya Upnishad [Khand 1] - Book
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ऐतरेय उपनिषद् [खण्ड 1] – Aitreya Upnishad [Khand 1] – Book

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पुस्तक विवरण

ऐतरेय उपनिषद्’ ऋग्वेद के ऐतरेय आरण्यक का एक हिस्सा है और यह एक प्रमुख उपनिषद् माना जाता है। यह मुख्य रूप से आत्मा और सृष्टि के रहस्यों पर केंद्रित है। इस उपनिषद् में विस्तार से बताया गया है कि कैसे परमात्मा ने इस ब्रह्मांड, लोकों, देवताओं और अंत में मनुष्य के शरीर की रचना की। इसमें ‘प्रज्ञानं ब्रह्म’ (चेतना ही ब्रह्म है) महावाक्य का उल्लेख है। यह ग्रंथ आत्मा के स्वरूप और उसकी यात्रा का दार्शनिक विवेचन करता है। यह खंड इन गहन आध्यात्मिक विषयों की शुरुआत करता है, जो आत्म-साक्षात्कार के मार्ग को प्रकाशित करता है।

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