Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home3/indiaq2f/indiankitab.com/wp-includes/functions.php on line 6131
संक्षिप्त कर्मयोग - Sankshipt Karmyogi - Book
IndianKitab

संक्षिप्त कर्मयोग – Sankshipt Karmyogi – Book

आपको यह बुक पसंद है? [ 0 / 0 ]

पुस्तक विवरण

यह ‘कर्मयोग’ के दर्शन पर एक ‘संक्षिप्त’ और सुलभ मार्गदर्शिका है, जो मुख्य रूप से श्रीमद्भगवद्गीता की शिक्षाओं पर आधारित है। इसमें ‘निष्काम कर्म’ के सिद्धांत को समझाया गया है – अर्थात फल की चिंता किए बिना अपने कर्तव्य का पालन करना। यह पुस्तक बताती है कि कैसे हम सांसारिक जीवन में रहते हुए भी अपने कार्यों को एक आध्यात्मिक साधना बना सकते हैं और आंतरिक शांति तथा मुक्ति प्राप्त कर सकते हैं। यह दैनिक जीवन के लिए एक व्यावहारिक दर्शन प्रस्तुत करती है।

लेखकों और पुस्तकालयों का सहयोग करें। अगर आपको यह किताब पसंद आई है और आपके लिए संभव हो, तो इसकी एक प्रिंट कॉपी खरीदें या सीधे लेखक की आर्थिक मदद करें। आप अपने नज़दीकी पुस्तकालय में जाकर भी इस पुस्तक को मुफ़्त में पढ़ सकते हैं।

ज़रूरी सॉफ्टवेयर

इस ई-बुक को पढ़ने के लिए आपको एक रीडर ऐप की ज़रूरत होगी। आप मोबाइल के लिए ReadEra या कंप्यूटर के लिए Calibre जैसे फ्री ऐप इस्तेमाल कर सकते हैं।

फ़ॉर्मेट बदलना

क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।

ई-रीडर पर भेजें

आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।

कोई दिक्कत आ रही है?

चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।