इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह हिंदी के प्रख्यात पत्रकार, लेखक और निबंधकार ‘बाबू बालमुकुन्द गुप्त’ की स्मृति में प्रकाशित एक ‘स्मारक ग्रंथ’ है। गुप्त जी अपनी व्यंग्यात्मक शैली ‘शिवशंभु के चिट्ठे’ के लिए प्रसिद्ध हैं। इस ग्रंथ में उनके समकालीन और परवर्ती विद्वानों द्वारा गुप्त जी के जीवन, उनके साहित्यिक और पत्रकारिता के क्षेत्र में योगदान, तथा हिंदी गद्य के विकास में उनकी भूमिका पर लिखे गए सम्मानपूर्ण लेखों और संस्मरणों का संग्रह है।
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