इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह पुस्तक जैन दर्शन के मूलभूत सिद्धांत ‘सम्यक्त्व’ अर्थात सम्यक् दर्शन (सही विश्वास) पर केंद्रित है। ‘शल्योद्धार’ का अर्थ है ‘काँटों को निकालना’। इस प्रकार, पुस्तक का उद्देश्य सम्यक्त्व की प्राप्ति में बाधक मिथ्यात्व, शंका, और अज्ञान रूपी काँटों को निकालने के उपाय बताना है। इसमें सच्चे देव, शास्त्र, गुरु पर श्रद्धा रखने के महत्व को समझाया गया है। यह कृति पाठकों को अपने विश्वास को निर्मल और दृढ़ बनाने में मदद करती है, क्योंकि सम्यक्त्व को ही मोक्ष मार्ग की पहली सीढ़ी माना गया है।
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