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बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाङ्मय खंड -21 - Baba Saheb Dr. Ambedkar Sampuran Vangmay vol.-21 - Book
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बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाङ्मय खंड -21 – Baba Saheb Dr. Ambedkar Sampuran Vangmay vol.-21 – Book

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पुस्तक सार

डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर का ‘सम्पूर्ण वाङ्मय खंड – 21’ उनके विविध लेखों, भाषणों और पत्रों का एक महत्वपूर्ण संकलन है। इस खंड में विशेष रूप से उनके सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक विचारों की गहरी झलक मिलती है। इसमें जातिवाद के उन्मूलन, सामाजिक न्याय, महिलाओं के अधिकार, और भारतीय समाज के लोकतंत्रीकरण पर उनके क्रांतिकारी विचार शामिल हैं। यह खंड पाठकों को अम्बेडकर के उन पहलुओं से परिचित कराता है जो अक्सर मुख्यधारा की चर्चाओं से बाहर रह जाते हैं। यह पुस्तक उन सभी के लिए आवश्यक है जो भारतीय समाज, राजनीति और डॉ. अम्बेडकर के अथक संघर्षों को उनकी अपनी लेखनी के माध्यम से समझना चाहते हैं।

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