Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home3/indiaq2f/indiankitab.com/wp-includes/functions.php on line 6131
भगवद्गीता [प्रथम अध्याय] - Bhgwadgita [Pratham Adhyay] - Book
IndianKitab

भगवद्गीता [प्रथम अध्याय] – Bhgwadgita [Pratham Adhyay] – Book

आपको यह बुक पसंद है? [ 0 / 0 ]

पुस्तक विवरण

यह पुस्तक श्रीमद्भगवद्गीता के केवल ‘प्रथम अध्याय’, ‘अर्जुनविषादयोग’, पर एक विस्तृत टीका या विवेचन है। इसमें अर्जुन के उस विषाद और मोह की गहरी मनोवैज्ञानिक और दार्शनिक व्याख्या की गई है, जो उसे युद्ध से विमुख कर रहा था। यह अध्याय गीता के पूरे उपदेश की पृष्ठभूमि तैयार करता है, और यह पुस्तक उसी आधारशिला के हर पहलू का गहन विश्लेषण करती है, जो आध्यात्मिक यात्रा के पहले कदम को दर्शाता है।

लेखकों और पुस्तकालयों का सहयोग करें। अगर आपको यह किताब पसंद आई है और आपके लिए संभव हो, तो इसकी एक प्रिंट कॉपी खरीदें या सीधे लेखक की आर्थिक मदद करें। आप अपने नज़दीकी पुस्तकालय में जाकर भी इस पुस्तक को मुफ़्त में पढ़ सकते हैं।

ज़रूरी सॉफ्टवेयर

इस ई-बुक को पढ़ने के लिए आपको एक रीडर ऐप की ज़रूरत होगी। आप मोबाइल के लिए ReadEra या कंप्यूटर के लिए Calibre जैसे फ्री ऐप इस्तेमाल कर सकते हैं।

फ़ॉर्मेट बदलना

क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।

ई-रीडर पर भेजें

आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।

कोई दिक्कत आ रही है?

चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।