इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह पुस्तक भारत में ‘ब्रिटिश साम्राज्यवाद’ के इतिहास और उसके खिलाफ हुए ‘भारतीय प्रतिरोध तथा स्वतंत्रता आंदोलन’ पर एक व्यापक अध्ययन है। इसमें 1857 के विद्रोह से लेकर, नरमपंथी और गरमपंथी आंदोलनों, और अंततः गांधीजी के नेतृत्व में हुए अहिंसक संघर्ष तक की सभी प्रमुख घटनाओं का विश्लेषण किया गया है। यह कृति साम्राज्यवाद के शोषणकारी चरित्र और भारतीयों के लंबे और कठिन स्वतंत्रता संग्राम की एक विस्तृत गाथा प्रस्तुत करती है।
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