इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह पुस्तक ‘चर्चासागर’ नामक किसी ग्रंथ में दिए गए शास्त्रीय प्रमाणों की समीक्षा या विश्लेषण करती है। ‘चर्चासागर’ संभवतः किसी विशिष्ट धार्मिक या दार्शनिक मत का ग्रंथ है, जिसने अपनी मान्यताओं को सिद्ध करने के लिए शास्त्रों (जैसे वेद, पुराण, आगम) से प्रमाण दिए हैं। यह कृति उन प्रमाणों की प्रामाणिकता, उनके संदर्भ और उनकी व्याख्या का तार्किक परीक्षण करती है। यह एक खंडन-मंडन शैली का ग्रंथ है, जो भारतीय शास्त्रार्थ परंपरा का एक हिस्सा है और किसी विशेष सिद्धांत की सत्यता की पड़ताल करता है।
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