इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह पुस्तक आचार्य नेमिचन्द्र सिद्धांतचक्रवर्ती द्वारा रचित प्रसिद्ध जैन ग्रंथ ‘द्रव्यसंग्रह’ पर एक वैज्ञानिक और विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करती है। ‘द्रव्यसंग्रह’ में जैन दर्शन के अनुसार छह द्रव्यों (जीव, पुद्गल, धर्म, अधर्म, आकाश, काल) का संक्षिप्त किन्तु सारगर्भित वर्णन है। यह ‘विज्ञान’ नामक भाष्य या व्याख्या, इन द्रव्यों की प्रकृति और उनके गुणों का तार्किक और समकालीन दृष्टिकोण से विश्लेषण करती है। तीसरा भाग संभवतः किसी विशिष्ट द्रव्य या द्रव्यों के समूह पर गहराई से चर्चा करता है, जो जैन तत्वमीमांसा को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।
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